गुरुवार, 10 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सतर्क माहौल में हुई। बुधवार के भारी झटके के बाद निवेशक आज संभलकर कदम बढ़ाते नजर आए, और दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी एक संकरे दायरे में डोलते रहे। ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने सेंटिमेंट पर अपना असर बनाए रखा। कल की गिरावट का साया अब भी बरकरार बुधवार का दिन बाजार के लिए मुश्किल भरा रहा था। सेंसेक्स 813 अंक से ज्यादा टूटकर 74,764.23 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 23,431.50 के स्तर पर आ गया था। ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने और वैश्विक बाजारों में कमजोरी ने उस गिरावट की पटकथा लिखी थी। आज सुबह जब बाजार खुला तो यही चिंताएं फिर हावी दिखीं, हालांकि शुरुआती झटके के बाद खरीदारी लौटती नजर आई। आज कैसा रहा कारोबार बाजार खुलने से पहले प्री-ओपन सेशन में सेंसेक्स करीब 27 अंक फिसला था, लेकिन कैश मार्केट खुलते ही तस्वीर बदल गई। सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ 74,800 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 23,440-23,450 के दायरे में टिका रहा। दिन चढ़ने के साथ दोनों सूचकांक एक संकरे बैंड में फंसे रहे, क्योंकि ट्रेडर्स क्रूड की चाल और भू-राजनीतिक हालात पर नजर बनाए हुए थे। सेक्टोरल मोर्चे पर मिला-जुला रुख देखने को मिला। पीएसयू बैंक शेयरों ने बाजी मारी और एक फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाई। आईटी शेयरों ने पिछले सत्र की भारी बिकवाली से उबरते हुए वापसी की, वहीं दोपहर के कारोबार तक फार्मा शेयरों पर दबाव देखा गया। दूसरी तरफ, ऑटो सेक्टर सबसे कमजोर कड़ी साबित हुआ और सबसे ज्यादा टूटा। चौड़े बाजार में भी अलग-अलग रुझान रहे निफ्टी मिडकैप हल्की गिरावट के साथ कमजोर दिखा, जबकि स्मॉलकैप शेयरों में मामूली बढ़त का रुख बना रहा। टॉप गेनर्स और लूजर्स आज के शुरुआती और मिडडे कारोबार में एसबीआई, एक्सिस बैंक और आईटीसी टॉप गेनर्स की सूची में रहे। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल (पूर्व जोमैटो), श्रीराम फाइनेंस और टाटा स्टील पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। रुपया और कच्चा तेल भी सुर्खियों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज कमजोर होकर 95.25 पर खुला, जबकि बुधवार को यह 95.11 पर बंद हुआ था। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों ने आयात बिल बढ़ने की आशंका के चलते करेंसी पर भी दबाव डाला। इस बीच बाजार में कई आईपीओ की एंट्री ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा, जो सेकेंडरी मार्केट की सुस्ती के बीच प्राइमरी मार्केट में सक्रियता का संकेत है। आगे क्या? बाजार जानकारों के मुताबिक जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता और क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक निफ्टी में 23,300-23,500 के दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों और एफआईआई की गतिविधि पर करीब से नजर रखनी होगी। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न समझा जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। आपकी नजर में आज बाजार को सबसे ज्यादा किसने प्रभावित किया क्रूड ऑयल की कीमतें या वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव? कमेंट में जरूर बताएं।